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India Space Academy - Inviting participation in the six-day online program on “AI & ML in Space Exploration : Published on - 13 Feb 2026 |  India Space Academy AI & ML Brouchure : Published on - 13 Feb 2026 |  Notice - Admission to Class VI, IX & XI in SVSU Senior Secondary School 2026-27 : Published on - 29 Jan 2026 |  Click here for Registration for admission 2026-27 Registration Form Link and QR Code : Published on - 29 Jan 2026 | 
Prof. Dinesh Kumar
Vice Chancellor
Email: vc@svsu.ac.in, vcoffice@svsu.ac.in
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About SVSU

Shri Vishwakarma Skill University (SVSU), established in Palwal, Haryana, is India’s first Government Skill University, dedicated to providing high-quality skill education. Founded by the Government of Haryana, SVSU is a pioneering institution focused on bridging the gap between industry requirements and academia by delivering industry-aligned, hands-on skill programs.

SVSU’s mission is to empower youth with advanced skills, knowledge, and employability through a unique model of skill education that combines theoretical learning with practical exposure. Our industry partnerships and collaborations with leading organizations offer students experiential learning through internships, apprenticeships, and on-the-job training, which equip them with the competencies required in today’s job market.

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Latest from Shri Vishwakarma Skill University

What's Happening in SVSU

18 Feb 2026

ग्रीन टेक्नोलॉजी स्किल की जबरदस्त मांग- प्रोफेसर दिनेश कुमार

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार ने कहा कि ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश में बड़ी क्रांति हो रही है। इसके लिए कुशल पेशेवरों की जबरदस्त मांग है। ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वह बुधवार को तक्षशिला भवन में इंडस्ट्री रिलेशन एन्ड एलुमनी अफेयर्स (इरा) द्वारा आयोजित प्रज्ञा परिसंवाद में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि यह दौर ग्रीन टैक्नोलॉजी का है। इसमें हाइड्रोजन एनर्जी से लेकर सभी तरह की अक्षय ऊर्जा के विविध आयामों पर काम करने की आवश्यकता है। इंडस्ट्री में इस क्षेत्र के पेशेवरों की भारी माँग है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एनसीआर में रोज़गार के इस बूम को भुनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने इंडस्ट्री एक्सपर्ट से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि हम इंडस्ट्री की अपेक्षाओं के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज ने इंडस्ट्री एक्सपर्ट का स्वागत करते हुए उन्हें एसवीएसयू के मॉडल से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की आवश्यकताओं को समझते हुए विद्यार्थियों को उन्हीं के अनुरूप कौशल देना हमारा लक्ष्य है। ग्रीन आइस सोलूशन्स की प्रबंध निदेशक रीना घई ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन एनर्जी में अंतर को समझते हुए स्किल्ड मैनपावर तैयार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मेंटेनेंस, स्मार्ट ग्रिड, बैटरी टेक्नोलॉजी, हाइब्रिड सिस्टम और डिजिटल टूल्स से संबंधित स्किल्ड लोग नहीं मिल रहे हैं। यदि इस क्षेत्र में लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तो उन्हें एक दम से रोज़गार मिलते हैं। एनएमयू के ईपीसी हेड नवीन शर्मा ने सोलर टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रोज़गार के अथाह अवसर हैं, जबकि प्रशिक्षित लोगों की भारी कमी है। इसलिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण काम कर रहा है। मार्क एनर्जी के निदेशक चेतन शर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में ऑपरेशन्स और मैंटेनस के कुशल लोगों की काफी कमी है। उन्होंने एसवीएसयू के प्रयासों की सराहना की। सोलर एज टेक्नोलॉजी के एचआर निदेशक भाविश अवस्थी ने कहा कि ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण का अभाव है। उन्होंने एसवीएसयू के साथ मिल कर प्रशिक्षण और कौशल विकास पर चर्चा की। फोस्टीमे बिज़नेस स्कूल के निदेशक डॉ. आदित्य विज ने ग्रीन टेक्नोलॉजी स्किल के विविध आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस क्षेत्र में कुशल लोगों की भारी मांग है। इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज ने अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। प्रज्ञा परिसंवाद के इस कार्यक्रम में ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रोफेसर सुनील गर्ग, डीन एसएफईटी प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुरेश कुमार, स्किल डिपार्टमेंट ऑफ़ इंडस्ट्री 4 पॉइंट ओ के अध्यक्ष प्रोफेसर कुलवंत सिंह, डॉ. सुनील कुमार शर्मा और उप निदेशक अमीष अमेया भी उपस्थित थे।

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18 Feb 2026

अमेरिकन प्रोफेसर ने सिखाए सेंसर सामग्री बनाने के गुर

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो के प्रसिद्ध रसायन शास्त्री प्रोफेसर सेथ एम. कोहेन ने मंगलवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को धातु-कार्बनिक फ्रेमवर्क पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि इस उभरते वैज्ञानिक क्षेत्र में नवाचार कर बड़ी सफलता अर्जित की जा सकती है। प्रो. कोहेन ने धातु कार्बनिक फ्रेमवर्क के मूल सिद्धांत, डिजाइन, बनाने की विधि, संरचना और फायदों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये फ्रेमवर्क गैस स्टोरेज, कैटेलिसिस, पर्यावरण सफाई और सेंसर तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में क्रांति ला रहे हैं। प्रो. कोहेन ने सेंसर बनाने में बहुत कारगर पॉलीमर आधारित तत्वों के उपयोग पर गहन जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पॉलीमर फिल्में बेहतर, चुनिंदा और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले सेंसर विकसित करने में मदद कर सकती हैं। उनके व्यावहारिक उदाहरणों और रिसर्च आधारित तरीके से छात्रों-शिक्षकों को असली वैज्ञानिक नवाचारों का अच्छा अनुभव मिला। उन्होंने छात्रों को रिसर्च में सहयोग और अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप की सलाह दी। विद्यार्थियों ने प्रोफेसर कोहेन से सवाल पूछ कर अपनी जिज्ञासाएं भी शांत की। साथ ही उनके लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह, डीएसडबल्यू प्रोफेसर कुलवंत सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुरेश कुमार और उप कुलसचिव डॉ. ललित शर्मा ने प्रोफेसर सेथ एम. कोहेन का भव्य स्वागत किया। अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी संकाय की डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने प्रोफेसर सेथ एम. कोहेन का औपचारिक स्वागत करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए बड़ा अनुभव है। प्रोफेसर कोहेन ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का अवलोकन कर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की आधुनिक प्रयोगशालाओं की जमकर सराहना की। प्रोफेसर कोहेन ने विश्वविद्यालय के फार्म हाउस पर पौधरोपण भी किया। व्याख्यान के दौरान डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन प्रोफेसर सुनील गर्ग, डीन प्रोफेसर डीवी पाठक, डॉ. मोहित श्रीवास्तव, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. सोहन लाल, डॉ. सज्जन वाही और खेल परामर्शी प्रतीक पुरी के अलावा कई ने शिक्षक और विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

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14 Feb 2026

युवाओं को एआई के लिए तैयार करना शिक्षण संस्थानों का दायित्व- प्रोफेसर दिनेश कुमार

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और थ्री मॉन्क कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को रिस्किलिंग फॉर द एआई इरा विषय पर एजुकेशन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एआई भविष्य की आवश्यकता है। युवाओं को इसके लिए तैयार करना शैक्षिणक संस्थाओं का दायित्व है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा उद्योग के साथ समन्वय स्किल एजुकेशन मॉडल की विशेषता है। यही विशेषता श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को अन्य शिक्षण संस्थानों से अलग करती है। इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को इंडस्ट्री लीडर्स का अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने उद्योग–अकादमिक समन्वय का महत्व भी बताया और विद्यार्थियों को एआई के प्रति प्रोत्साहित किया। थ्री मॉन्क की सह-संस्थापक आंचल एवं मोहित ने विद्यार्थियों के लिए एक्सेल और एआई पर व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया, जिसमें वास्तविक जीवन के उदाहरणों और उपयोग मामलों के माध्यम से हैंड्स-ऑन लर्निंग प्रदान की गई। इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रतिष्ठित वक्ताओं में एनआईआईटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयदीप गुप्ता, प्रीति कॉग्निजेंट के निदेशक दिव्यांक वालिया तथा बिजनेस बैंकिंग ग्रुप, आईसीआईसीआई के सिटी हेड कमल सिंह ने विद्यार्थियों को सम्बोधित किया। वक्ताओं ने एआई के बढ़ते प्रभाव, कौशल उन्नयन की आवश्यकता और उद्योग की अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उद्योग–अकादमिक साझेदारी को सशक्त बनाने और संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई गई। पाठ्यक्रम में एआई और उत्पादकता टूल्स के एकीकरण के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए गए। इंटरैक्टिव सत्रों और प्रायोगिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की रोजगार-तैयारी में वृद्धि करने पर भी जोर दिया गया। एसवीएसयू और थ्री मॉन्क ने ऐसे और कार्यक्रम आयोजित कर उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. समर्थ सिंह, डॉ. सविता शर्मा, डॉ. पिंकी शर्मा एवं उपनिदेशक अमीष अमेया सहित काफी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

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07 Feb 2026

स्किल लीडर्स कॉन्क्लेव एवं कौशल मेला-2026 आयोजित

दिल्ली। राजघाट स्थित गांधी सत्याग्रह सभागार में शनिवार को स्किल लीडर्स कॉन्क्लेव एवं कौशल मेला-2026 आयोजित हुआ। इसमें देश में स्किल इकोसिस्टम को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने कॉनक्लेव एवं कौशल मेले का उद्घाटन किया। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल द्वारा दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय और असम स्किल यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश के दस से भी अधिक कौशल विश्वविद्यालयों और दिल्ली के सौ से अधिक कॉलेज और स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि विजय गोयल ने कहा कि कौशल और नवाचार से ही भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। देश में उद्यमिता का विकास आवश्यक है। स्किल यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को क्लास रूम में पढ़ाने के साथ-साथ इंडस्ट्री में भी स्किल सिखा रही हैं। इससे देश का स्किल इकोसिस्टम मज़बूत बन रहा है। विजय गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कौशल विकास को बढ़ावा दिया और इस अवधारणा को सशक्त बनाया है। विजय गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से सीखना चाहिए। उन्होंने जीवन में बहुत संघर्ष किया और वह जीवन में असफलता से कभी डरे नहीं। विजय गोयल ने कौशल मेले का अवलोकन कर विद्यार्थियों के कौशल आधारित प्रोजेक्ट की सराहना की। कॉन्क्लेव की मेजबानी कर रहे देश के पहले राजकीय कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में कौशल, नवाचार और उद्यमिता की विशेष भूमिका रहेगी। 2027 तक 44 प्रतिशत स्किल बदल जाएंगी। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने इसी उद्देश्य से सभी कौशल विश्वविद्यालयों का यह कॉनक्लेव आयोजित किया है। इससे देश के स्किल इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने में मदद मिलेगी। कुलगुरु दिनेश कुमार ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने देश के सामने स्किल एजुकेशन का मॉडल रखा है। भारत के बहुत से विश्वविद्यालय इस मॉडल का अनुसरण कर रहे हैं। कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार ने शीघ्र ही कौशल विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं का सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा ने पारंपरिक विद्याओं को मान्यता देकर आरपीएल के अंतर्गत कौशल को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यों को उत्कृष्टता से करना होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ. राज नेहरू ने कहा कि जॉब मार्केट का रुझान बहुत तीव्रता से बदल रहा है। एआई ने कौशल परिवेश को बदल कर रख दिया है। डॉ. राज नेहरू ने विद्यार्थियों को फ्यूचर स्किल के लिए तैयार करने का आह्वान किया। दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर ए के नागावत ने कौशल विश्वविद्यालयों में कौशल विकास के सतत् प्रयासों पर प्रकाश डाला और डीएसईयू के मॉडल की विशेषताओं को इंगित करते हुए अन्य संस्थानों में लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के साथ और गहरे समन्वय की आवश्यकता है। कौशल्या स्किल यूनिवर्सिटी के महानिदेशक प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि हमें मेधावी विद्यार्थियों को कौशल की ओर आकर्षित करने होंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ ओपन स्कूलिंग के निदेशक अखिलेश मिश्रा ने कहा कि कौशल को एनईपी के साथ समन्वित करना आवश्यक है। इस अवसर पर एनसीवीईटी के निदेशक सुहास देशमुख और उनके साथ मिलन साहू, सारिका दीक्षित एवं मनीष कुमार ने स्किल एजुकेशन मॉडल पर टेक्निकल सेशन में प्रस्तुति दी। एसवीएसयू के अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने आभार ज्ञापित किया, एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार एवं कुलसचिव प्रोफ़ेसर ज्योति राणा ने स्मृति चिह्न प्रदान किए। इस अवसर पर स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रोफ़ेसर आर एस राठौड़, भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी प्रोफेसर संजय गोयल, मेधावी स्किल यूनिवर्सिटी के उप कुलपति कुलदीप शर्मा, इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज सहित स्किल इको सिस्टम से जुड़े विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानो के प्रमुख उपस्थित रहे। कौशल जगत की विभूतियों और अतिथियों ने कौशल मेले का भी अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने कौशल मेले में अपने कौशल आधारित प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए।

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